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अमृत 2.0 (AMRUT 2.0 - अटल मिशन फॉर रिजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन) योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 1 अक्टूबर 2021 को किया गया था। यह योजना 2021-22 से 2025-26 तक 5 वर्षों के लिए लागू है, जिसका उद्देश्य देश के सभी शहरों को 'जल सुरक्षित' और 'आत्मनिर्भर' बनाना है। इस योजना के तहत लगभग 4,800 वैधानिक शहरों में हर घर में नल का पानी, सीवरेज/सेप्टेज प्रबंधन और शहरी जल निकायों का पुनरुद्धार किया जाएगा। 


अमृत 2.0 योजना के मुख्य बिंदु:

  • उद्देश्य: सभी घरों में चालू नल कनेक्शन (Functional Tap Connections) प्रदान करना और शहरों में सीवरेज/सेप्टेज को पूरी तरह से कवर करना।
  • अवधि: यह योजना 2021-22 से 2025-26 तक 5 वर्षों के लिए है।
  • कुल परिव्यय: इस मिशन का कुल बजट लगभग ₹2,97,000 करोड़ है।
  • लक्ष्य: शहरों में 2.68 करोड़ से अधिक नल कनेक्शन और लगभग 2.64 करोड़ सीवर/सेप्टेज कनेक्शन देने का अनुमान है।
  • जल पुनर्चक्रण: प्रयुक्त जल के 20% का पुनर्चक्रण (Recycling) और औद्योगिक कचरे के लिए इसका उपयोग करना।
  • तकनीक: SCADA (सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन) जैसे स्मार्ट वाटर सॉल्यूशंस का उपयोग।
  • राजस्थान में स्थिति: राजस्थान में अमृत 2.0 के तहत 5000 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं संचालित हैं, जिसमें 175 से अधिक कस्बों में पेयजल और सीवरेज पर काम चल रहा है। हाल ही में, योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए राजस्थान में इसे पीएचडी (PHED) एमडी जेजेएम के तहत लाया गया है। 

मुख्य फोकस:

  • 1. हर घर जल: नल से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करना।
  • 2. हरियाली और पार्क: शहरों में हरित स्थानों और पार्कों को विकसित करना।
  • 3. जल निकाय: झीलों और तालाबों जैसे जल निकायों का पुनरुद्धार। 

यह योजना 'जल ही अमृत' की पहल के तहत शहरी विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।


अमृत-2.0 योजना के अन्तर्गत किये गये कार्य

  • नगर पालिका परिषद बाराबंकी जनपद बाराबंकी में नवाबगंज मकदूमपुर तालाब का विकास कार्य।